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प्रदीप भंडारी ने जनता का मुकदमा पर AIMIM के समर्थक को पिलाया पानी, बताया ‘असली कम्युनल कौन ?’

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विपिन श्रीवास्तव, जन की बात

यूपी में चुनावी सीजन शुरू हो चुका है और इसी के साथ शुरू हो चुकी है नेताओं की बयानबाजी और साथ ही अलग अलग तरीके से जनता के वोट को बांटने और उन्हें गुमराह करने के एजेंडों की भी शुरुआत हो चुकी है । एक तरफ किसान नेता राकेश टिकैत किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर किसान आंदोलन को चुनावी रैली में बदल चुके हैं और वहां से धर्म के आधार पर नारेबाजी कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ AIMIM के नेता असदुदद्दीन ओवैसी ने भी यूपी के अंदर अपनी तुष्टिकरण की राजनीति शुरू कर दी है, उन्होंने कहा ‘अब मुसलमान ही जीतेगा’ इस सब के बावजूद भी ये AIMIM के नेता ओवैसी यह कहते हैं कि RSS कम्युनल है और नफरत सिर्फ हिंदुत्व की वजह से ही फैल रही है, आपको बता दें ये वही ओवैसी हैं जिनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी मंच से यह बयान देते हैं कि, ’15 मिनट के लिए पुलिस हटा दें तो हम 100 करोड़ हिंदुओं को बता देंगे हम कौन हैं’

आज इसी मुद्दे पर इंडिया न्यूज पर प्रदीप भंडारी ने जनता का मुकदमा लड़ा और बताया कि ‘असली कम्युनल कौन?’

प्रदीप भंडारी ने आज जनता का मुकदमा के अपने कटघरे में AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी को खड़ा किया, और उनसे पूछा-

जब RSS ये कहती है कि ‘सभी के डीएनए इंडियन’ है, और आप यह कहते हैं कि ‘अब सिर्फ मुसलमान जीतेगा’ तो असली कम्युनल कौन ?

जब RSS बिना किसी भेदभाव के हर मुसीबत में देश के लोगो की सेवा को तैयार रहती है, और जब आपके भाई ये ‘पंद्रह मिनट के लिए पुलिस हटा लो’ वाला बयान देते हैं तो असली कम्युनल कौन ?जब किसानों आंदोलन की आड़ में राकेश टिकैत देश को धर्म के आधार पर बांटने वाले नारे लगाते हैं तब असली कम्युनल कौन ?

 

आज जनता का मुकदमा में AIMIM की तरफ से उनके समर्थक हाजी मेहरदीन रंगरेज़ अपना पक्ष रखने आये थे, लेकिन प्रदीप भंडारी की दलील और उनके तथ्यों ने रंगरेज़ को पानी पिला दिया ।रंगरेज ने अपनी पार्टी के ऊपर लगे आरोपों का बचाव करने के लिए कहा कि हमने सिर्फ ये बोला है कि हमे सिर्फ राजनीति में हमारा हिस्सा चाहिए, मुसलमान प्रत्याशी को अगर मुसलमान वोट देगा तो गलत क्या है ?

जिसके जवाब में प्रदीप भंडारी ने फिर से रंगरेज़ को कटघरे में खड़ा करते हुए 1946 की याद दिलाई, प्रदीप ने कहा: ‘यह हिसा मांगने वाली बात 1947 में भी उठी थी और पूरी दुनिया जानती है कि उसके बाद क्या हुआ था, तो क्या आप फिर से एक बार देश को हिस्सों में बांटने की राजनीति शुरू कर रहे हैं ?’ इसके बाद जब रंगरेज़ के पास कोई जवाब नही बचा तो उन्होंने अखलाख, पहलू खान, अलाउद्दीन की लिंचिंग का मुद्दा उठाया, जिसके जवाब में प्रदीप भंडारी ने एक के बाद एक लगातार 20 हिंदुओं के नाम रंगरेज़ को गिनाए जो मुस्लिमों द्वारा साम्प्रदायिक नफरत की वजह से मारे गए थे ।

 

प्रदीप भंडारी ने वो 20 नामों की लिस्ट रंगरेज़ को दिखाते हुए पूछा, की क्या इन लोगों की आवाज़ आपने कभी उठाई या सिर्फ आपको अखलाख या पहलू खान ही याद आते हैं ? क्या आप इन लोगों के घर कभी सांत्वना व्यक्त करने गए ? क्या आपके नेता असद्दुदीन ओवैसी ने इनके लिए एक भी ट्वीट किया ?’ जिसके बाद मेहरदीन रंगरेज़ पूरी तरह से लाजवाब हो गए और बगलें झांकते हुए पानी पीते नज़र आये, और इसके बाद उनके पास तर्क करने के लिए कोई भी शब्द मौजूद नही था ।

 

प्रदीप भंडारी ने आज फिर से एक बार कहा कि देश की एकता को तोड़ने वाले बयान और जनता को भटकाने वाली राजनीति अब कट्टरपंथियों के बिल्कुल काम नही आने वाली है । देश की जनता अब जाग चुकी है और उसे सही गलत के बीच अंतर करना आ चुका है ।

अगर आप भी देश की इस सबसे बड़ी और ट्रेन्डिंग बहस को देखना चाहते हैं तो आप डेली हंट एप्प पर इसको देख सकते हैं जहां आज 4 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इसे लाइव देखा । साथ ही आप इस मुद्दे पर अपनी राय रखने के लिए @jankibaat1 को फॉलो करके हमें टैग कर अपनी राय रख सकते हैं । साथ ही प्रदीप भंडारी से जुड़ने के लिए आप @pradip103 को ट्विट्टर पर फॉलो कर सकते हैं ।

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