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नहीं हो सकते भारत के आर्थिक हालात श्रीलंका जैसे, समझिए पूरा गणित- पढ़िए प्रदीप भंडारी की दलील

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श्रीलंका में आर्थिक संकट के बीच फिर हिंसक प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं. आलम ये है कि राष्ट्रपति को अंडर ग्राउंड होना पड़ा और प्रदर्शकारियों ने उनके आवास पर कब्जा कर लिया. इस भयंकर संकट के बीच टीएमसी के विधायक इदरीस अली की तरफ से  बयान आया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उसी तरह की स्थिति का  सामना करना पड़ेगा जैसा वर्तमान में श्रीलंका में हो रहा है.  सोमवार को अपनी शो जनता का मुकदमा पर शो के होस्ट प्रदीप भंडारी ने विपक्ष के लोगों को जवाब देते हुए मुकदमा किया.

प्रदीप भंडारी ने कहा कि, ‘दोस्तों इस देश में झूठे अर्थशास्त्री है जो कल तक श्रीलंका की अर्थव्यवस्था को एशिया का कोहिनूर कहते थे और हमारी अर्थव्यवस्था को कोसते थे वही आज भी झूठ फैला रहे हैं कि भारत श्रीलंका के रास्ते जा रहा है. इन बुद्धिजीवियों को ताकत दी है टीएमसी के विधायक इदरीस अली ने जो अपनी लीडर ममता बनर्जी को खुश करने के लिए यह कामना कर रहे हैं कि देश में श्रीलंका जैसे हालात हो जाए.’

आइए जानते हैं तथ्य क्या कहते हैं

प्रदीप भंडारी ने कहा कि, तथ्य कहते हैं की भारत सबसे ज्यादा तेज गति से बढ़ रही अर्थव्यवस्था है. जहां श्रीलंका का विदेशी कर्ज का अधिकतर हिस्सा सरकारी था वहीं पिछले साल की विदेशी कर्ज में भारत का सिर्फ 3% हिस्सा सरकारी है, श्रीलंका की महंगाई दर 29% है भारत में यह आंकड़ा से 8% से कम है, भारत का FDI 82 अरब डॉलर है वही श्रीलंका का इसका आधा भी नहीं है. तो फिर दोस्तों यह झूठ क्यों फैलाते हैं. इसीलिए फैलाते हैं कि मोदी विरोध में यह देश का बुरा चाहने लग गए हैं, यह वही लोग हैं जब तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा किया था तो उन्होंने बोला देश में भी ऐसा होगा और यह वही लोग हैं जो कल प्रधानमंत्री मोदी अगर 2024 में जीत गए तो बोलेंगे ईवीएम में घोटाला है.

और हां, अगर हमें श्रीलंका से कुछ सीखना चाहिए तो सिर्फ एक सीख लेनी चाहिए कि परिवारवाद लोकतंत्र का सबसे बड़ा वायरस है. 40 से ज्यादा राजपक्षे परिवार के लोग एक समय पर श्रीलंका में किसी ना किसी पद पर मौजूद थे.

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