अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत-चीन सैनिकों की झड़प में वास्तव में क्या हुआ, प्रदीप भंडारी ने बताई इनसाइड स्टोरी , पढ़िए ये रिपोर्ट

भारत और चीन के बीच एक बार फिर सीमा पर विवाद पैदा हो गया है। इस बार अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प की खबर है। LAC पर 9 दिसंबर को भारत ने PLA को पीछे खदेड़ा। LAC पर चीन और PLA ने सीमा तक के क्षेत्र में गश्त करने की कोशिश की जिसका भारतीय सेना ने मुहतोड़ जवाब दिया।

इस झड़प में चीन के ज्यादातर सैनिक घायल हो चुके है, जिसके बाद कमांडर लेवल की मीटिंग दोनो तरफ से हो चुकी है। गलवान के बाद चीन की यह दूसरी कोशिश है जहां चीन द्वारा भारत को उकसाया गया है। LAC पर निर्धारित प्रोटोकोल को दरकिनार करने की चीन द्वारा कोशिश की गई है

जब G20 सम्मिट में प्राइम मिनिस्टर मोदी और शी जिनपिंग के बीच एक इनफॉरमल मीटिंग हुई थी, उसके बाद यह घटना होना यह बताता है कि चाइना इस तरह की हरकत करने की कोशिश कर रहा है और एलीशिप पर जो प्रोटोकोल है उनको हटाने की कोशिश कर चुका है। हमारी भारतीय सेना ने चीन को जिस तरीके से गलवान में मुंहतोड़ जवाब दिया था वैसे ही यहां पर इंडियन आर्मी ने चीन PLA को पीछे धकेला है। जिसके बाद कमांडर लेवल की मीटिंग हुई और दोनो तरफ से सेना पीछे हो गई है।

पूर्वी लद्दाख में गलवान झड़प के बाद इस तरह की पहली घटना सामने आई है। 9 दिसंबर को इस झड़प में कई भारतीय सैनिक घायल हुए हैं। भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक बयान में बताया है कि 9 तारीख को अरुणाचल के तवांग सेक्टर में LAC पर पीएलए सैनिक आ गए थे। इस फेस-ऑफ में दोनों तरफ के सैनिकों को मामूली चोट आई है। हालांकि क्षेत्र से जल्द ही दोनों पक्ष पीछे हट गए। बाद में बॉर्डर पर शांति और स्थिरता कायम करने के लिए कमांडरों की मीटिंग भी हुई।

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