विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्विट कर कहा कि मुझे बहुत खुशी हो रही है कि SCO के सुधार और आधुनिकीकरण के मुद्दों पर पहले भी चर्चा हो चुकी है। जयशंकर ने एससीओ सदस्य देशों से अंग्रेजी भाषा को तीसरी ऑफिशियल भाषा बनाने में समर्थन मांगा था। विदेश मंत्री ने कहा कि ये भारत की लंबे समय से मांग रही है।
ट्विट में विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने कहा मुझे यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि एससीओ के सुधार और आधुनिकीकरण के मुद्दों पर चर्चा पहले ही शुरू हो चुकी है। मैं एससीओ की तीसरी आधिकारिक भाषा के रूप में अंग्रेजी को बनाने की भारत की लंबे समय से चली आ रही मांग के लिए सदस्य देशों का समर्थन भी चाहता हूं ताकि अंग्रेजी बोलने वाले सदस्य राज्यों के साथ गहरा जुड़ाव सक्षम करें।
आतंकवाद का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता है और इसे सीमा पार आतंकवाद सहित इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में रोका जाना चाहिए। आतंकवाद का मुकाबला एससीओ के मूल जनादेशों में से एक है।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर आतंकवाद का सबसे बड़ा पालनहार देश पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो सामने बैठे थे। एस. जयशंकर ने सभी विदेश मंत्रियों का सबसे पहले अभिवादन किया और इसके बाद आतंकवाद पर जमकर बरसे। एस जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद से मुकाबला करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भारत सीमा पर आतंकवाद कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।उन्होंने सभी देशों से आह्वान किया कि आतंकवाद से मिलकर लड़ें। आतंकियों की फंडिंग को लेकर भी उन्होंने देशों को अलर्ट किया। उन्होंने कहा कि आतंकियों को जो फंडिंग होती है उसे तुरंत रोकना होगा।
बताते चलें कि बीते दो महीनों में जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष के बीच यह दूसरी वार्ता थी। इससे पहले, मार्च माह में जी 20 के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान दोनों नेता मिले थे।
इसके साथ ही विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी बातचीत की। उन्होंने इस मुलाकात के बारे में अपने ट्वीट में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ वार्ता में द्विपक्षीय, वैश्विक और बहुपक्षीय सहयोग की व्यापक समीक्षा की गई।
