अजित पवार के नेतृत्व में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में हुई बगावत और उसके बाद एनसीपी अध्यक्ष पद से शरद पवार को हटाने के बाद एनसीपी के दोनो गुटों में राजनीति गरमाई हुई है। एनसीपी पर दोनों गुट पार्टी पर दावा कर रहे हैं। इसी बीच डिप्टी सीएम अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल ने कहा कि एनसीपी को लेकर गलत अफवाहें कई दिनों से फैलाई जा रही है।
प्रफुल्ल पटेल ने प्रेस कॉनफ्रेंस करते हुए कहा कि सबने अजित पवार को एनसीपी का अध्यक्ष चुना है। उन्होंने कहा, ”ये बगावत नहीं है बल्कि साफ दिख रहा है कि पार्टी के अजीत पवार के साथ खड़े हैं।”
पटेल ने कहा कि एनसीपी की 30 जून को बैठक हुई। जिसमे एनसीपी के कई विधायकों सहित पार्टी के नेता मौजूद थे। इसमें एनसीपी के कई पदाधिकारी भी थे। हम सभी ने मीटिंग में सबकी सहमति से अजीत पवार को अपना नेता चुना। साथ ही हमने अनिल पाटिल को व्हिप के तौर पर नियुक्त किया।
प्रफुल्ल पटेल क्या बोले?
प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि एनसीपी पार्टी हम ही है। इस वजह से पार्टी का सिंबल और इससे जुड़े सभी अधिकार हमें मिलने चाहिए। हमने चुनाव आयोग से भी ये ही मांग की है। उन्होंने कहा कि एनसीपी की दिल्ली में कल हुई मीटिंग कोई अधिकृत मीटिंग नहीं थी।
बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार के नेतृत्व में एनसीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग कल दिल्ली में हुई थी। इस दौरान मीटिंग में मौजूद लोगों ने अजित पवार, आठ अन्य विधायकों को निष्कासित करने संबंधी शरद पवार के फैसले का समर्थन किया।
शरद पवार ने क्या कहा था?
अजित पवार गुट की ओर से 30 जून को मीटिंग की गई थी। इसका लेटर चुनाव आयोग को भेजा गया है। इसमें एनसीपी का अध्यक्ष अजित पवार को बताया गया था। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार ने पलटवार करते हुए गुरुवार को कहा था कि मैं ही पार्टी का चीफ हूं।
