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संसद में प्रदर्शन कर रहे विपक्ष पर भड़के विदेश मंत्री जयशंकर, बोले- इनके लिए देश की तरक्की से ज्यादा जरूरी पार्टी पॉलिटिक्स

संसद में पिछले कई दिनों से लगातार मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्ष का हंगामा जारी है। इस बीच शुक्रवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A के नेताओं पर जमकर हमला बोला है। साथ ही सदन में उनकी जो बात विपक्ष के हंगामें की वजह से पूरी नहीं हो पाई थी उसे एक 21 मिनट के वीडियो के माध्यम से डॉ. एस जयशंकर ने जारी की। इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी की हाल ही की विदेश यात्राओं में भारत की नीति और पार्टनरशिप का जिक्र है। साथ ही ये जिक्र भी है की इन यात्राओं से भारत ने क्या प्राप्त किया है और कूटनीति से किस तरह के रिश्ते कायम किए हैं।

विदेश मंत्री ने अपने बयान में कहा कि, ‘कल मैंने संसद और देशवासियों को विदेश नीति से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रमों से अवगत कराना चाहा। लेकिन दुख की बात है कि विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में मेरे बयान को बार-बार बाधित किया। उनके लिए पक्षपातपूर्ण राजनीति देश की तरक्की से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपने बयान में आगे कहा कि, ’20-23 जून तक पीएम नरेंद्र मोदी की यूएसए की आधिकारिक यात्रा किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ओर से की गई केवल दूसरी यात्रा थी। उन्हें दूसरी बार अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करने का दुर्लभ विशेषाधिकार दिया गया।’

उन्होंने आगे कहा, ‘हल्के लड़ाकू विमान के लिए भारत में GE414 जेट इंजन के निर्माण के लिए GE एयरोस्पेस और HAL के बीच एक समझौते से रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया को बड़ा बढ़ावा मिला। भारत कई दशकों से इस प्लान पर काम कर रहा था और यह सफलता टेक्नोलॉजी सहयोग में एक महत्वपूर्ण छलांग का प्रतीक है। इसरो और नासा ने शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए आउटर स्पेस की खोज के लिए ARTEMIS समझौते पर हस्ताक्षर किए। वे मानव अंतरिक्ष उड़ानों में सहयोग करेंगे और 2024 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए एक संयुक्त प्रयास शुरू करेंगे।’

क्यों भड़के एस. जयशंकर?

लोकसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर के वक्तव्य के दौरान कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के शोर-शराबे को लेकर गुरुवार को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के बीच नोकझोंक हो गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही करीब 20 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। जयशंकर ने लोकसभा में ‘भारत की विदेश नीति में नवीनतम विकास’ के संबंध में स्वत: संज्ञान लेते हुए वक्तव्य दिया। उनके वक्तव्य के समय मणिपुर के मुद्दे पर विपक्षी दलों के सदस्य नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान विपक्षी सदस्यों ने ‘प्रधानमंत्री सदन में आओ’ और ‘इंडिया-इंडिया’ के नारे लगाए। जिसके बाद सदन को कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा और विदेश मंत्री का विदेश नीति के संबंध में दिया जा रहा वक्तव्य बीच में ही रोकना पड़ा।

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Vipin Srivastava
Vipin Srivastava
journalist, writer @jankibaat1

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