मोदी सरकार ने काफी पहले जातीय जनगणना करने का ऐलान कर दिया था और इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। हालांकि कांग्रेस ने इसको लेकर सवाल उठाए हैं और इसी मुद्दे पर समाचार चैनल इंडिया टीवी पर डिबेट चल रही थी। डिबेट में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सहसंयोजक प्रदीप भंडारी भी मौजूद थे। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के झूठ को पर्दाफाश कर दिया। प्रदीप भंडारी ने कहा कि जयराम रमेश और कांग्रेस पार्टी को उत्तर प्रदेश की जनता गंभीरता से नहीं लेती हैं और जयराम रमेश खुद जयराम रमेश को गंभीरता से नहीं लेते हैं।
प्रदीप भंडारी ने कहा, “2011 की जनगणना में माता-पिता, जन्म तिथि, और धर्म पूछा गया था और सबको सार्वजनिक किया गया। सेंसस एक्ट का आर्टिकल 15 कहता है कि किसी की जो जानकारी है, वह राइट टू प्राइवेसी के तहत सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए। कांग्रेस पार्टी के पूरे झूठ का पर्दाफाश हो गया है। कांग्रेस जो है, हिंदुओं को जाति में बांटकर उत्तर प्रदेश में वापसी करना चाहती है लेकिन अब उसे पता है वापसी नहीं होने वाली है।”
प्रदीप भंडारी ने आगे कहा, “कांग्रेस खुद को ही एक्सपोज कर रही है। तेलंगाना में कांग्रेस ने जातीय जनगणना की और जो पहले ओबीसी का प्रतिनिधित्व 61 फ़ीसदी था, जो 50 से नीचे जा चुका है। जहां-जहां कांग्रेस की सरकार है, वहां पर केवल मुस्लिम आरक्षण की बात की जा रही है। कांग्रेस नहीं चाहती कि ओबीसी का सही आंकड़ा पता चले ताकि उन्हें लाभार्थी योजनाओं का सीधा फायदा मिल सके।”
