भगवंत मान, उनकी पत्नी 5 करोड़ में रेप केस रफा-दफा करने का रैकेट चला रहे हैं- बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का बड़ा आरोप

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आज गुरुवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में मीडिया को संबोधित किया और कहा कि पंजाब में भगवंत मान, सुपर सीएम अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री की पत्नी पर रेप मामलों को खत्म कराने के लिए बिचौलियों के जरिए 5 करोड़ रुपये तक रिश्वत मांगने का आरोप है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एफआईआर नंबर 77, सिविल लाइंस, अमृतसर के आरोपी गुरविंदर चहल की 13 मई 2026 को गिरफ्तारी और 10 जुलाई को रिहाई को लेकर सवाल उठाए। प्रदीप भंडारी ने एजेंसी से जांच, स्पष्टीकरण और कथित लूट सिंडिकेट की जवाबदेही तय करने की मांग की।

 

प्रदीप भंडारी ने कहा, “इस तस्वीर में तीन लोग दिखाई दे रहे हैं। एक हैं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, दूसरे हैं पंजाब के सुपर चीफ मिनिस्टर अरविंद केजरीवाल और तीसरी शख्सियत पंजाब के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी हैं। पंजाब में इस वक्त जो ऑडियो रिकॉर्डिंग्स और एविडेंस सामने आए हैं, ये पॉइंट करते हैं कि पंजाब के अंदर मुख्यमंत्री भगवंत मान एक नया लूट का रैकेट और करप्शन का रैकेट चला रहे हैं। आरोप है कि इस करप्शन के रैकेट में वह और उनकी धर्मपत्नी मिडिलमेन यानी बिचौलियों के जरिए रेप केस को खत्म करने के लिए 5-5 करोड़ रुपये तक की रिश्वत ले रही हैं। इसे ‘आप का लूट मॉडल’ कहा जाता है।”

 

 

 

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि ये केस एफआईआर नंबर 77, सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन, पंजाब का है, जिसमें गुरविंदर चहल एक्यूज्ड है और उस पर रेप का आरोप लगा है। उन्होंने कहा, “इस मामले में मिडिलमैन एक्यूज्ड के रिलेटिव से बात कर रहा है और कह रहा है कि हमने सीएम साहब को भी इसके बारे में बता दिया है और अब सीएम साहब भी इन्वॉल्व हो गए हैं। पूरे रेप के मामले को खत्म करने के लिए मिडिलमैन ने रेप के एक्यूज्ड के रिलेटिव से कहा कि अब यू-टर्न मत करना। पंजाबी में मिडिलमैन ने रेप के एक्यूज्ड के रिलेटिव को कह दिया कि तुम्हारे केस को हम वापस लेंगे, कट वहां तक भी जाने वाला है, अब वापस बैकट्रैक मत कर लेना। क्या मुख्यमंत्री का ऑफिस और मुख्यमंत्री खुद मिडिलमेन के जरिए करप्शन केसेस और रेप के केसेस को खत्म करने के लिए पैसे के पूरे सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है? क्या यह पैसा सीएम आवास तक जा रहा है? ऑडियो नंबर 1 ये प्रूव कर रहा है कि मुख्यमंत्री को मिडिलमैन खुद इन्वॉल्व कर रहा है।”

प्रदीप भंडारी ने कहा, “ऑडियो नंबर 2 में अमाउंट की चर्चा हो रही है। इस ऑडियो में मिडिलमैन बोल रहा है। पहले मिडिलमैन ने कहा कि सीएम और सीएम की वाइफ ने, इस ऑडियो के हिसाब से, एक मिडिलमैन को अपॉइंट किया। उस मिडिलमैन ने कहा कि हम तुम्हारा रेप का केस और ये एग्जैक्ट केस, एफआईआर नंबर 77, सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन, अमृतसर का, जिसमें एक्यूज्ड का नाम गुरविंदर चहल है, इसकी बात कर रहे हैं। हम प्रूव करेंगे कि ये सब सही भी है। एक्यूज्ड को कहा गया कि अब सीएम साहब को हमने इन्वॉल्व कर लिया है, पीछे मत हो जाना। इसके बाद आगे बात होती है और जिन लोगों ने मिडिलमैन को अपॉइंट किया है, वह मिडिलमैन कहता है कि अब अमाउंट की एक ही बार चर्चा करेंगे, एक ही बार माथा टेकेंगे, बार-बार थोड़ी ना हम अमाउंट की चर्चा करने वाले हैं। ये 5 करोड़ रुपये का जो आरोप है, वह प्रथम दृष्टया आरोप है, जिसे हम साबित करने वाले हैं।”

प्रदीप भंडारी ने कहा कि ये दो ऑडियो एस्टैब्लिश कर रहे हैं कि सीएम हाउस में एक पूरा सिंडिकेट चल रहा है, जिसमें रेप पीड़िता तक के केस को करप्शन के मीन्स एंड मैकेनिज़्म के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है और जिसका कट, पैसा मुख्यमंत्री, उनके आवास और सुपर सीएम तक जा रहा है। तीसरा ऑडियो ये प्रूव करेगा कि पैसा बाकी लोगों में भी बांटना है। ऑफर फिक्स हो चुका है और पैसे कई लोगों को जाने हैं। क्रोनोलॉजिकली समझें तो पहले एक्यूज्ड गुरविंदर चहल मिडिलमैन से बात करता है और कहता है कि मैं रेप एक्यूज्ड हूं और मुझे अपना केस निपटाना है। इसके बाद वह मिडिलमैन के संपर्क में आता है। मिडिलमैन बोलता है कि मुख्यमंत्री साहब से बात हो गई है, मुख्यमंत्री के ऑफिस से बात हो गई है, अब अमाउंट के मामले में पीछे मत हटना। इस पर एक्यूज्ड कहता है कि मैं पीछे नहीं हटूंगा। फिर दूसरे ऑडियो में बात होती है कि अमाउंट अब फिक्स हो चुका है और तीसरे ऑडियो में वह कह रहा है कि ये अमाउंट बाकी लोगों के बीच भी डिस्ट्रिब्यूट करना है।

भंडारी ने कहा कि जब ये मामला चल रहा था, नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने 21 अगस्त 2026 को इन सभी फैक्ट्स का संज्ञान लेते हुए ऑलरेडी चीफ सेक्रेटरी, गवर्नमेंट ऑफ पंजाब और डीजीपी पंजाब को एक चिट्ठी लिखी थी। क्योंकि इस मामले को एक पूर्व हाईकोर्ट के जज ने भी उठाया था, एनएचआरसी ने कहा था कि इसकी इन्वेस्टिगेशन की जाए कि क्या पंजाब के अंदर मुख्यमंत्री का ऑफिस और मुख्यमंत्री खुद एक करप्शन का रैकेट चला रहे हैं, जिसमें रेप पीड़ितों के केस को वापस लेने के लिए 5-5 करोड़ रुपये की रिश्वत चल रही है? जो ऑडियो अभी सुनाया गया, उसमें अगर गौर करें तो कई चैट्स भी सामने आई हैं। इनमें मिडिलमैन पंजाबी में रेप एक्यूज्ड के परिवार से बात कर रहा है और कह रहा है कि जो मैंने आपको डील दी है, ये डील हो सकती है और देखिए, 10 मिनट में मैं फाइनल करने वाला हूं। तो इस मिडिलमैन की क्या सीधे तार चीफ मिनिस्टर ऑफिस, पंजाब के मुख्यमंत्री, अरविंद केजरीवाल सुपर सीएम और उनकी धर्मपत्नी तक जाती हैं? सेक्शन 7 ऑफ द प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 ये कहता है कि अगर किसी पर प्राइम फेसी ऐसे एलिगेशंस ऑफ करप्शन आते हैं, तो इसमें सजा 3 साल तक की भी हो सकती है।

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