सपा मुखिया अखिलेश यादव कई बार दावा करते हैं कि वह भगवान श्री कृष्ण के परम भक्त हैं। हालांकि जब श्री कृष्ण जन्मभूमि की बात आती है तब चुप्पी साध लेते हैं। जन्माष्टमी के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा में हैं। हालांकि अखिलेश यादव मथुरा में श्री कृष्ण मंदिर नहीं गए। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर समाचार चैनल इंडिया टीवी पर बहस हो रही थी, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सहसंयोजक प्रदीप भंडारी भी मौजूद थे।
प्रदीप भंडारी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा, “इस दुनिया के अंदर जो बड़े से बड़ा पैसा भी कमाता है, एजुकेशन भी लेता है, सब भगवान के अंदर विश्वास रखते हैं। इनको भगवान से एलर्जी इसलिए है क्योंकि यह तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं। अब एक-एक करकर मैं बात करता हूँ। यह अखिलेश यादव की फोटो कोई, कोई एजुकेशन, स्कूल की नहीं है। अखिलेश यादव ने कभी एजुकेशन की बात नहीं कही। 18 मई 2025 को अखिलेश यादव कहते हैं हम यदुवंशी हैं और हमारा संबंध भगवान श्रीकृष्ण से है। तो आप सब मुझे बताइए, जो खुद यह एडमिट कर रहे हैं कि उनका संबंध भगवान श्रीकृष्ण से है, वोट बैंक की विवशता के अलावा कोई और दूसरा रीज़न नहीं हो सकता कि वो यह कहें कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर बनना चाहिए?”
प्रदीप भंडारी ने आगे कहा, “अब यह कहते हैं ‘सुप्रीम कोर्ट’। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में प्रभु श्रीराम का मंदिर का फैसला दे दिया, भव्य मंदिर बना, 4 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला, 1 लाख करोड़ से ज्यादा का इकोनॉमिक फायदा हुआ। टिन्नू यादव ने चोरी करी और वो जेल के अंदर भी चला गया। अभी तक क्या रामगोपाल यादव को इन्होंने पार्टी से बर्खास्त किया जिन्होंने कहा राम मंदिर बेकार है? अभी तक अखिलेश यादव प्रभु श्रीराम के मंदिर के दर्शन करने गए? मजारों के दर्शन करने चले गए। क्या अभी तक इन्होंने ऑफिशियली कारसेवकों पर गोली चलाने के लिए माफी मांगा? नहीं।”
प्रदीप भंडारी ने कहा कि मतलब यदुवंशी होते हुए भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर नहीं चाहते? उन्होंने कहा, “आज तो जन्माष्टमी है, चलिए मंदिर नहीं गए, आज तो यह कह सकते हैं अखिलेश यादव अपना ट्वीट उन्होंने डाला कि हाँ, मैं मानता हूँ एक यदुवंशी के रूप में कि भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर बनना चाहिए? जैसे मुसलमान लोग मक्का की बात करते हैं, कई दूसरे धर्म के लोग अलग जगह बात करते हैं। तो भाई, अगर हिंदू हो, काशी, मथुरा और अयोध्या की बात करे तो इसमें पीड़ा क्या है? 30 मिनट का योगी जी का कल की स्पीच है, उसमें से 24 मिनट 50 सेकंड उन्होंने अपने काम गिनाए। उन्होंने बताया कि 20,000 करोड़ के एजुकेशन बजट को बढ़ाकर 1 लाख करोड़ से ऊपर कर दिया, उन्होंने बताया कि जीडीपी दुगनी हो गई, उन्होंने बताया पर कैपिटा इनकम दुगनी हो गई। पर इनके कान में वो नहीं समझेगा क्योंकि यह पढ़े-लिखे नहीं हैं, इनको पता ही नहीं है कि भैया डेवलपमेंट की बात कैसे होती है। तो मैं कह रहा हूँ, मैडम जब यह खुद धर्म की बात कर रहे हैं, तुष्टीकरण की बात कर रहे हैं, मजारों में जा रहे हैं, तो हमारा तो यह धर्म बनता है कि हम तुष्टीकरण को एक्सपोज़ करें। आप एक घंटे की डिबेट एजुकेशन पर करो, मैं करूँगा। एक घंटे की रोजगार पर करो, करूँगा। पर इनके नेता से तो पूछो कितने भाषण इन्होंने एजुकेशन पर दिए हैं!”
