छोटे दुकानदारों और व्यापारियों का ख्याल नहीं रख रही कांग्रेस, 10 नवंबर के बाद रैली करनी चाहिए- बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी

बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सहसंयोजक और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस की रामलीला मैदान में होने वाली रैली और शरजील इमाम के समर्थन को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस नेता इमरान मसूद पर शरजील इमाम का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की। प्रदीप भंडारी ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी विदेश से लगातार राजनीतिक मुद्दों पर बयान दे रहे हैं, लेकिन क्या वह शरजील इमाम के मामले पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे?

प्रदीप भंडारी ने कहा कि शरजील इमाम ने भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को देश से अलग करने और चिकन नेक कॉरिडोर को बाधित करने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इमरान मसूद द्वारा शरजील इमाम के समर्थन में बयान देना पार्टी की विचारधारा और राजनीतिक प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है। प्रदीप भंडारी ने कहा कि यह केवल बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस का विषय नहीं है, बल्कि देश की एकता, अखंडता और संविधान में विश्वास से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी के नेता शरजील इमाम जैसे व्यक्ति के समर्थन में सामने आते हैं, उसे देश की जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से सवाल किया कि क्या वे इमरान मसूद के बयान का समर्थन करते हैं?प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसे तत्वों का समर्थन कर रही है, जिनकी गतिविधियां देश की एकता और अखंडता के लिए सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सीमित राजनीतिक विवाद के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह देश की संप्रभुता और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है।

प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जब भी सड़कों पर उतरती है, तो कई बार विरोध-प्रदर्शन के दौरान अराजकता और हिंसा की स्थिति पैदा होती है। इस संदर्भ में उन्होंने राहुल गांधी के पुलिसकर्मी को धक्का देने के कथित दृश्य और कांग्रेस के कुछ प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा का जिक्र किया। प्रदीप भंडारी ने आशंका जताई कि यदि शरजील इमाम जैसे लोगों का समर्थन करने वाले तत्व कांग्रेस के प्रदर्शनों में शामिल होते हैं, तो दिवाली के आसपास होने वाली रैली के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

प्रदीप भंडारी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन करना हर राजनीतिक दल का अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में हिंसा या अराजकता को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी रैली शांतिपूर्ण रहेगी और इससे आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। प्रदीप भंडारी ने अपने बयान में 1984 के सिख विरोधी नरसंहार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर का दिन सिख समुदाय के लिए बेहद संवेदनशील है और कांग्रेस को इस ऐतिहासिक घटना से जुड़े जख्मों के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।

प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि दिवाली के आसपास रैली आयोजित करने के फैसले से आम लोगों और सिख समुदाय की भावनाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि राजनीतिक कार्यक्रमों से देश के नागरिकों, कारोबारियों और विभिन्न समुदायों की भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस की रैली की तारीख पर सवाल उठाते हुए छोटे और मध्यम कारोबारियों के हितों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि व्यापारियों ने दिवाली के दौरान रैली आयोजित होने से कारोबार प्रभावित होने और हजारों करोड़ रुपये तक के संभावित नुकसान की आशंका जताई है। प्रदीप भंडारी ने कहा कि दिवाली छोटे दुकानदारों और व्यापारियों के लिए साल का महत्वपूर्ण कारोबारी समय होता है। ऐसे में राजनीतिक दलों को अपने कार्यक्रमों की तारीख तय करते समय उनके हितों का भी ध्यान रखना चाहिए।

प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि यदि रैली की तारीख आगे बढ़ाने से व्यापारियों को राहत मिल सकती है, तो कांग्रेस को इस विकल्प पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को दोबारा राजनीतिक रूप से लॉन्च करने के लिए 1 नवंबर के बजाय 10 नवंबर की तारीख चुनने से कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा।

प्रदीप भंडारी ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस के लिए राजनीतिक कार्यक्रम और पार्टी की रणनीति देश की जनता तथा छोटे व्यापारियों के हितों से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं?

प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने एक कांग्रेस सांसद पर 11 लड़कियों के यौन शोषण से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की चुप्पी पर सवाल उठाए। प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस महिला अधिकारों और महिलाओं के सम्मान की बात करती है, लेकिन उसे उन मामलों पर भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए, जिनमें पार्टी के नेताओं या उनके करीबी लोगों पर गंभीर आरोप लगते हैं।

प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनिंदा मुद्दों पर ही महिलाओं के अधिकारों को लेकर आवाज उठाती है। प्रदीप भंडारी ने अपने बयान के अंत में कहा कि देश की जनता, संविधान और राष्ट्रीय हित किसी भी राजनीतिक परिवार या पार्टी की रणनीति से ऊपर हैं। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि जब व्यापारी दिवाली के दौरान संभावित नुकसान की आशंका जता रहे हैं, तो पार्टी उनकी चिंताओं को गंभीरता से क्यों नहीं ले रही है? प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को राजनीतिक कार्यक्रमों से पहले आम लोगों की परेशानियों और देश के सामाजिक माहौल को ध्यान में रखना चाहिए।

प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं के कारण व्यापारियों और आम नागरिकों की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है।

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