उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय मीडिया सहसंयोजक और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया है कि राज्य में पार्टी 2022 के मुकाबले अधिक बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। एक टीवी डिबेट के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता माफिया राज में वापस नहीं लौटना चाहती। उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था, विकास और सुरक्षा के मुद्दों को बीजेपी की संभावित जीत का आधार बताया।
टीवी डिबेट के दौरान एंकर ने प्रदीप भंडारी से सवाल किया कि शहरी क्षेत्रों में चुनावी चुनौतियों, महंगाई, बेरोजगारी और वोट चोरी जैसे विपक्ष के आरोपों के बीच बीजेपी 2022 से बेहतर प्रदर्शन कैसे करेगी। इस पर प्रदीप भंडारी ने सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया को चुनौती देते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी 2027 का विधानसभा चुनाव हारती है, तो क्या वह चुनाव आयोग, मीडिया या चुनाव प्रक्रिया को हार का जिम्मेदार नहीं ठहराएगी? प्रदीप भंडारी ने कहा कि वह चुनाव परिणामों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं और उन्हें उम्मीद है कि विपक्ष भी इसी तरह का भरोसा दिखाएगा। उन्होंने सपा प्रवक्ता से इस संबंध में सार्वजनिक रूप से गारंटी देने को कहा।
इसके बाद प्रदीप भंडारी ने कहा कि अनुराग भदौरिया के जवाब से उनकी पार्टी का आत्मविश्वास सामने आ गया है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की स्थिति मजबूत है और पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में पहले से बेहतर प्रदर्शन करेगी। प्रदीप भंडारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब माफिया राज के दौर में वापस नहीं जाएगा। उन्होंने अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी का नाम लेते हुए कहा कि प्रदेश की जनता पुराने दौर की कानून-व्यवस्था को नहीं भूली है। उन्होंने मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौरान कारसेवकों पर गोली चलाए जाने की घटना का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का पिछला शासन प्रदेश की जनता को याद है।
प्रदीप भंडारी ने कानून-व्यवस्था से जुड़े कई आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि बीजेपी सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश में अपराध की घटनाओं में कमी आई है। उनके मुताबिक, राज्य में डकैती में 86 प्रतिशत, लूट में 78 प्रतिशत, हत्या में 43 प्रतिशत, दंगों में 67 प्रतिशत और अपहरण में 70 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने बलात्कार की घटनाओं में 25 प्रतिशत, महिलाओं से छेड़छाड़ में 16 प्रतिशत और दहेज हत्या में 17 प्रतिशत की कमी आने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और विकास के मुद्दे पर बीजेपी जनता के बीच जाएगी।
डिबेट के दौरान एंकर ने सवाल उठाया कि बीजेपी सरकार के विकास और कानून-व्यवस्था के दावों का असर मतदाताओं पर क्यों नहीं दिखाई दिया। उन्होंने लोकसभा चुनाव और हालिया शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी चुनावों का हवाला देते हुए बीजेपी के चुनावी प्रदर्शन पर सवाल किए।
इस पर प्रदीप भंडारी ने कहा कि एमएलसी चुनावों में बीजेपी का प्रदर्शन पहले जैसा ही रहा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने पिछले चुनाव में भी छह सीटें जीती थीं और इस बार भी छह सीटों पर जीत दर्ज की है। प्रदीप भंडारी ने कहा कि एमएलसी चुनाव के परिणामों में ऐसा कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, जिससे बीजेपी की स्थिति कमजोर होने का निष्कर्ष निकाला जा सके। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय बीजेपी ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी और 2027 में पार्टी इससे भी अधिक बहुमत हासिल करेगी।
प्रदीप भंडारी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के भीतर आपसी खींचतान है। उन्होंने फर्रुखाबाद में शिवपाल यादव के पोस्टर का जिक्र किया और दावा किया कि पार्टी के नेताओं के बीच मतभेद दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी विकास, कानून-व्यवस्था और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करती है, जबकि समाजवादी पार्टी के पास अपने शासनकाल की उपलब्धियों को लेकर ठोस एजेंडा नहीं है।
प्रदीप भंडारी ने भगवान श्रीराम के भक्तों पर गोली चलाए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए सपा पर हमला बोला। साथ ही उन्होंने मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि बीजेपी इन मुद्दों को जनता के सामने रखेगी।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को चुनावी सफलता के लिए दूसरी पार्टियों के समर्थन की जरूरत पड़ती है। प्रदीप भंडारी ने बसपा और कांग्रेस के साथ सपा के गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष के पास विकास और सकारात्मक राजनीति का स्पष्ट एजेंडा नहीं है।
प्रदीप भंडारी ने टीवी डिबेट में बीजेपी की जीत का भरोसा जताते हुए दावा किया कि पार्टी 2022 से अधिक बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
