बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सहसंयोजक और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की रैली को फ्लॉप शो करार देते हुए कहा कि राहुल गांधी की पूरी रीलॉन्च एक्सरसाइज नाकाम साबित हुई है। प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि कांग्रेस अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद रामलीला मैदान को पूरी तरह नहीं भर पाई और राहुल गांधी का भाषण शुरू होते ही कार्यकर्ता मैदान छोड़कर जाने लगे।
एक टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी जितना ज्यादा बोलते हैं, भारतीय जनता पार्टी को उतना ही राजनीतिक फायदा मिलता है। उन्होंने कहा कि बीजेपी राहुल गांधी के बयानों से घबराती नहीं है, बल्कि इससे पार्टी को फायदा होता है।
प्रदीप भंडारी ने रैली का एक वीडियो दिखाने का जिक्र करते हुए कहा कि जब राहुल गांधी भाषण दे रहे थे, उसी दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता रामलीला मैदान छोड़कर जा रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस वीडियो का फैक्ट चेक करके दिखाना चाहिए।प्रदीप भंडारी के मुताबिक, इतनी मेहनत और तैयारी के बावजूद कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं से मैदान पूरी तरह नहीं भर पाई। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को सुनना शुरू करने के बाद भी कार्यकर्ता वहां से चले गए। उन्होंने इसे विपक्ष की राहुल गांधी को दोबारा राजनीतिक रूप से स्थापित करने की कोशिश का फ्लॉप शो बताया।
प्रदीप भंडारी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उन्हें इस बात का दुख हुआ कि विपक्ष के किसी भी साथी ने दंगों में पीड़ित सिख परिवारों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि रैली में लगाए गए पोस्टर तक फाड़ दिए गए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती थोड़ी हिलती है।
प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि यह बयान 1984 के सिख नरसंहार को जायज ठहराने की सोच को दर्शाता था। उन्होंने कहा कि वही सोच आज राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीति में दिखाई दे रही है। प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी की आज की रैली ने 2029 के राजनीतिक नतीजों की तस्वीर साफ कर दी है। उनके मुताबिक, कांग्रेस और विपक्ष अराजकता के सहारे सत्ता में आने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता को भ्रमित नहीं होने दिया जाएगा। प्रदीप भंडारी ने कहा कि झूठ की गूंज को हराने के लिए सच की हुंकार करना लोकतंत्र में उनका अधिकार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के झूठ और उसकी राजनीति को उजागर करना जरूरी है, ताकि जनता को भ्रमित करके सत्ता हासिल करने की कोशिशों को नाकाम किया जा सके।
