Voice Of The People

परिवारवाद को मेहनत से ही हराया जा सकता है :अनुपम खेर

जन की बात के फाउंडर एंड सीईओ प्रदीप भंडारी ने ट्विटर कन्वर्सेशन के 15 में संस्करण में  मशहूर फिल्म अदाकार अनुपम खेर का बेबाक इंटरव्यू लिया। जिसमें अनुपम खेर ने फिल्म से लेकर राजनीति के सभी पहलुओं पर अपनी बेबाक राय रखी।

जन की बात के फाउंडर एंड सीईओ प्रदीप भंडारी ने पहला सवाल पूछा कि सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद जिस तरीके से देश में परिवारवाद के ऊपर एक डिबेट छिड़ी हुई है। उस पर आपने कहा था कि देश ने राजनीति में परिवारवाद को रिजेक्ट कर दिया है। बॉलीवुड में परिवारवाद कितना हावी है, इसे हम कैसे हरा कर सकते है?

अनुपम खेर ने कहा कि राजनीतिक परिवारवाद से बॉलीवुड परिवारवाद की तुलना करना सही नहीं है। इसका मुख्य कारण है कि राजनीति का प्रभाव देश के 130 करोड़ लोगों पर पड़ता है। अब बात करें तो बॉलीवुड में बहुत सारे ऐसे लोग है, जो छोटे शहरों से आकर यहां स्टार बने हैं।जैसे आयुष्मान खुराना, कंगना रनौत और राजकुमार राव। लेकिन मैं यह जोड़ना चाहता हूं, कि यदि कोई किसी एक्टर को अपनी फिल्म में कास्ट कर रहा है तो उसके निर्णय को प्रभावित करना ठीक नहीं है। वहीं बॉलीवुड में गुटबाजी लंबे समय से है लेकिन सोशल मीडिया की वजह से लोग इसके प्रति जागरूक हुए है। वहीं बॉलीवुड के सबसे बड़े एक्टर अक्षय कुमार हैं जिनका कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं है।

प्रदीप भंडारी ने दूसरा सवाल पूछा, कि क्या फिल्म इंडस्ट्री में एक लेवल प्लेयिंग फील्ड होना चाहिए? क्योंकि बॉलीवुड में बहुत सारे लोग पैसा लगाते है, कि उन्हें अच्छा रिटर्न मिल सके। यदि छोटे-छोटे ग्रुपों के पास ज्यादा पैसा आ जाएगा, तो फिर यह फिल्म इंडस्ट्री को नियंत्रण कर पाएंगे कि यहां किसे स्टार बनाना है और किसे नहीं?

अनुपम खेर ने कहा कि बॉलीवुड में काम ही लेवल प्लेयिंग फील्ड है। काम ही बॉलीवुड में एक्टरों को स्टार बनाता है। जैसे राजकुमार राव, आयुष्मान खुराना बिना फिल्मी बैकग्राउंड वाले एक्टरों की फिल्में हिट हो जाती है। जबकि बड़े-बड़े लोगों की फिल्में भी यहां पर फ्लॉप हो जाती है। अभी सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की, इस मुद्दे के ऊपर सोशल मीडिया में लोगों ने अपनी राय रखी और लगातार लोग सोशल मीडिया पर सुशांत सिंह राजपूत के लिए ट्रेंड चला रहे हैं। सोशल मीडिया में पावर है कि आज वहां लोग किसी भी गलत चीजों के विरुद्ध आवाज उठाते हैं।

प्रदीप भंडारी ने आगे पूछा कि सुशांत सिंह राजपूत के पक्ष में जन भावनाएं है और लोग सच्चाई के साथ खड़े हैं, क्या आप भी चाहते हैं कि उनके केस की गहराई से जांच होनी चाहिए?

इस पर अनुपम खेर ने कहा कि मैं इस सवाल का जवाब देने के योग्य नहीं हूं। क्योंकि केस की जांच अभी पुलिस कर रही है। उन्हें विश्वास है कि कानून अपना काम करेगा।

SHARE

Must Read

Latest