पुलिस ने सोमवार को अहमदनगर में एक जुलूस के दौरान मुगल बादशाह औरंगजेब के पोस्टर कथित तौर पर प्रदर्शित करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में बोलते हुए कहा कि औरंगजेब का नाम लेने वाले को कोई माफी नहीं दी जाएगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस देश और राज्य में, छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज पूजनीय देवता हैं, और औरंगजेब के किसी भी संदर्भ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
कब की है ये घटना?
भिंगार कैंप पुलिस थाने के एक अधिकारी के मुताबिक, घटना रविवार रात 9 बजे फकीरवाड़ा इलाके में एक जुलूस के दौरान हुई. जब युवा संगीत पर नाच रहे थे, चार लोग औरंगजेब की तस्वीरों को हाथ में लेकर नाचने लगे. यह देख मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया. आईपीसी की धारा 505, 298 और 34 के तहत आरोप दायर किए गए हैं और आगे की जांच चल रही है.
देवेंद्र फडणवीस ने दी सख्त चेतावनी
देवेंद्र फडणवीस ने कहा औरंगजेब की तस्वीरें लिए अगर कोई दिखता है तो उसे यहां बख्शा नहीं जाएगा। भारत में और विशेष रूप से महाराष्ट्र में, हमारे आदर्श छत्रपति शिवाजी महाराज और धर्मवीर संभाजी महाराज हैं। यदि कोई औरंग्य का नाम लेता है तो उसके लिए कोई क्षमा नहीं है।
Anyone taking Aurangzeb's name will not be forgiven❗
Aurangya's photos and name will not be tolerated, especially in Maharashtra !
औरंगजेबाचे फोटो जर कोणी झळकवत असेल तर ते इथे मान्य केले जाणार नाही. भारतात आणि विशेषत: महाराष्ट्रात आमचे आराध्य दैवत छत्रपती शिवाजी महाराज आणि… pic.twitter.com/ddu2l9CUEe— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) June 5, 2023
विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार पर साधा निशाना
एनसीपी के राज्य प्रमुख जयंत पाटिल ने राज्य सरकार से उचित उपाय करने का आग्रह किया, जिसमें कहा गया कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है. इस बीच, शिवसेना (यूबीटी गुट) के विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने ऐसी घटनाओं के बाद बड़ा बयान दिया है. उन्होंने, कार्रवाई का वादा करने लेकिन पालन करने में विफल रहने के लिए सरकार की आलोचना की.