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फ़्रांस में हो रहे दंगों के पीछे का सच क्या है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट

फ्रांस में एक 17 साल के लड़के की पुलिस की गोलीबारी में मौत के बाद लगातार तीसरे दिन भी हिंसा जारी है। हिंसा और आगजनी की घटनाओं में अब तक दो हज़ार गाड़ियां जलाई जा चुकी हैं. और 492 घरों को नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि फ्रांसीसी पुलिस ने देशभर के अलग-अलग इलाकों से अब तक 875 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कैबिनेट की आपातकालीन बैठक की है। इसमें शामिल होने के बाद फ्रांसीसी प्रधानमंत्री एलिज़ाबेथ बोर्न ने कहा कि आपातकालीन कैबिनेट बैठक का उद्देश्य व्यवस्था बहाल करने के लिए सभी विकल्पों की समीक्षा करना था। उन्होंने यह भी बताया कि इसमें फ्रांस में आपातकाल की परिस्थितियों पर चर्चा भी शामिल थी।

फ़्रांस में क्यों हो रहे दंगे

27 जून को फ्रांसीसी पुलिस ने सुबह नौ बजे ट्रैफिक जांच के दौरान कार से जा रहे 17 साल के नाहेल एम नाम के लड़के को गोली मार दी। यह हादसा फ्रांस की राजधानी पेरिस के उपनगर नानटेरे में हुआ। पहले पुलिस ने दावा किया कि कार के टायर पर फायर करने के दौरान चालक को गोली लगी, हालांकि बाद में वायरल हुए वीडियो ने पुलिस को कार के दरवाजे से गोली चलाते हुए दिखाया। इस घटना के बाद सबसे पहले पेरिस में हिंसक विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत हुई, जिसने पूरे फ्रांस को चपेट में ले लिया।

कौन था नाहेल एम

नाहेल एम अल्जीरियाई मूल का फ्रांसीसी शरणार्थी था। वह टेकअवे डिलीवरी ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था और रग्बी लीग खेलता था। वह अपनी मां का इकलौता बच्चा था। नाहेल के पिता का कोई पता नहीं है। नाहेल ने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की, हालांकि वह इलेक्ट्रीशियन बनने की ट्रेनिंग ले रहा था। इसके लिए घर से कुछ ही दूरी पर सुरेसनेस के एक कॉलेज में उसका दाखिला कराया गया था। कॉलेज में उनकी उपस्थिति का रिकॉर्ड खराब था। उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था लेकिन पुलिस उसे जानती थी।

फ्रांस के कई शहरों में अब भी हिंसा जारी है। इसमें राजधानी पेरिस भी शामिल है। फ्रांस में बीते तीन दिनों से जारी हिंसा और आगजनी की घटनाओं में अब तक दो हजार गाड़ियां जलाई जा चुकी हैं। इस दौरान 492 घरों को नुकसान पहुंचा है। एएफपी के मुताबिक, बीती रात ही पूरे फ्रांस में आगजनी की 3800 घटनाएं दर्ज की गयीं। इसके साथ ही अब तक 875 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

क्या कर रही फ्रांस सरकार

फ्रांसीसी सरकार ने हिंसा को रोकने के लिए चालीस हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। इसमें फ्रांसीसी स्पेशल पुलिस फोर्स के जवान भी शामिल हैं। फ्रांस के कई इलाकों में कर्फ्यू भी लगाया गया है, ताकि लोगों को सड़कों पर आने से रोका जा सके। फ्रांसीसी शहर मारसे में शाम सात बजे के बाद से सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पूरे फ्रांस में पुलिस ने गश्त तेज कर दी है। रात के दौरान बाहर निकलने वाले लोगों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ब्रसेल्स में जारी यूरोपीय देशों की एक बैठक को छोड़कर पेरिस लौट आए हैं। मैक्रों ने फ्रांसीसी प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बोर्ने और कैबिनेट सदस्यों के साथ आपातकालीन बैठक की है। इस बैठक में कानून व्यवस्था बहाल करने के सभी तरीकों पर चर्चा की गई है। इसके अलावा हिंसा रोकने के लिए आपातकाल लगाने के विकल्प पर भी बात की गई। बैठक के बाद बोर्न ने कहा कि प्राथमिकता राष्ट्रीय एकता सुनिश्चित करना है और ऐसा करने का तरीका व्यवस्था बहाल करना है।

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Vipin Srivastava
Vipin Srivastava
journalist, writer @jankibaat1

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