2024 से पहले अगर राहुल गांधी को जेल हुई तो क्या करेगी कांग्रेस? पढ़िए कांग्रेस के पास क्या हैं विकल्प?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मोदी सरनेम मानहानि केस में बहुत बड़ा झटका लगा है। सूरत कोर्ट ने राहुल गांधी को दोषी करार देते हुए 2 साल की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ कांग्रेस नेता ने गुजरात हाई कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। पढ़िए इस फैसले के मायने और आगे क्या होगा?

हाई कोर्ट का यह फैसला न केवल राहुल गांधी, बल्कि उनकी पार्टी और साल 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए हो रही विपक्षी एकता की कवायद के लिए भी झटका है।

याचिका खारिज होने का मतलब है कि राहुल गांधी को सुनाई गई 2 साल की साल की सजा बरकरार रहेगी। मतलब राहुल गांधी की सांसदी बहाल नहीं होगी। मतलब वे 8 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे, उल्टा अब तक जेल जाने का भी खतरा मंडरा रहा है।

चुनाव आयोग किसी समय वायनाड में उपचुनाव का ऐलान कर सकता है। राहुल गांधी के पास अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का विकल्प बचा है राहुल के खिलाफ फैसला कांग्रेस को काफी मुसीबत में डाल सकता है। अभी तक कांग्रेस का प्लान है कि राहुल गांधी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाते हुए साल 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा जाए, लेकिन मौजूदा हालात में यह संभव होता नहीं दिख रहा है।

कांग्रेस के नेतृत्व में राहुल गांधी के अलावा फिलहाल अभी कोई भी नहीं दिख रहा जिसके चेहरे पर लोकसभा का चुनाव लडा जा सके। हालांकि प्रियंका गांधी वाड्रा एक विकल्प हो सकती हैं। लेकिन जिस प्रकार से यूपी चुनाव हारने के बाद उनके नेतृत्व पर सवाल उठे हैं, उससे यही लगता है की प्रियंका गांधी अभी फिलहाल कांग्रेस की कमान संभालने के लिए तैयार नहीं हैं। साथ ही सोनिया गांधी पहले ही राजनीति से अलग हो चुकी हैं। और किसी अन्य कांग्रेसी नेता को गांधी परिवार ने कभी उस स्तर पर आने नहीं दिया जहां से उसे सीधा पीएम उम्मीदवार बनाया जा सके।

राहुल गांधी के बिना कांग्रेस कैसे चुनाव में जाएगी, कैसे प्रचार करेगी, यह कल्पना से परे है। तृणमूल कांग्रेस, जेडीयू, आरजेडी, और आम आदमी पार्टी जैसे अन्य विपक्षी दल हावी होंगे। अब ये दल कांग्रेस को बैकफुट पर धकेलने की कोशिश करेंगे, जिससे विपक्षी एकता कमजोर होगी और फायदा सीधा भाजपा को होगा।

ऐसे समय में जब भाजपा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड जैसे तुरुप का इक्का फेंक दिया है, कांग्रेस पर इस मुद्दे पर भाजपा का सामना करने के बजाए, अपने नेता को बचाने का संकट आ खड़ा हुआ है। कांग्रेस आगे क्या विकल्प तलाशती है, यह देखना रोचक होगा।

Vipin Srivastava
Vipin Srivastava
journalist, writer @jankibaat1

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