जंतर मंतर पर देश के प्रधानमंत्री को प्रदर्शनकारियों द्वारा गाली दी गई और उसको बाद में विपक्षी नेताओं द्वारा जायज भी ठहराया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर समाचार चैनल एनडीटीवी पर बहस चल रही थी, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी मौजूद थे। प्रदीप भंडारी ने इस दौरान पूर्व पत्रकार और नेता रहे आशुतोष को जमकर खरी खोटी सुनाई। आशुतोष बहस के दौरान गालियों को जायज ठहरा रहे थे।
इस पर प्रदीप भंडारी ने कहा, “अगर आशुतोष को गाली देना है और राहुल गांधी को पसंद है तो राहुल गांधी कह सकते हैं कि हमें आप गाली दे सकते हैं और अगर ऐसी निजी गालियां मेरे ऊपर दी जाती है तो मैं उसको सीरियस नहीं लूंगा और कांग्रेस समर्थक भी कुछ नहीं करेंगे। ये अलग बात है कि गुजरात में एक समय आंदोलन करने पर सैकड़ो छात्रों को गोली मार दी गई थी, जब कांग्रेस का सरकार हुआ करती थी।”
प्रदीप भंडारी ने पूछा, “क्या पुलिस वाले के जो बच्चे हैं वह Gen Z नहीं है और उनके कोई अधिकार नहीं है? जिस तरह से प्रदर्शनकारियों के अधिकार थे, उसी तरह से पुलिस वालों के Gen Z बच्चों के भी अधिकार हैं और संविधान भी उन्हें उतना ही अधिकार दे रखा है। जंतर मंतर पर जो लोग प्रदर्शन कर रहे थे वह Gen Z के प्रतिनिधि नहीं थे क्योंकि जो असल प्रतिनिधि थे वह कानून के हिसाब से प्रदर्शन कर रहे थे।”
