प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर सभी विपक्षी दलों से साथ आने की अपील करते हुए कहा कि इस बिल को राजनीतिक तराजू से न तौलें। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को हमें रोकना नहीं चाहिए। पीएम मोदी ने ये भी कहा कि वह इसका राजनीतिक क्रेडिट नहीं लेना चाहते हैं। इसलिए सभी दलों से अपील करते हैं कि सभी मिलकर इस बिल को पारित कराएं।
पीएम मोदी ने विपक्षी दलों से कहा कि आप चाहें तो आप ही इसका क्रेडिट ले लें लेकिन इस बिल को पारित कराएं। पीएम का यह बदला-बदला रूप सदन में देखने को मिला। विपक्ष पर चुटीले आक्रमण करने की बजाय पीएम उनसे महिला आरक्षण बिल पारित न कराने की भूल की दुहाई देते नजर आए और ऑफर भी देते दिखे।
पीएम मोदी ने कहा, “परिसीमन में किसी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।” जब एक महिला सांसद ने टोका कि इसकी क्या गारंटी है तो पीएम ने कहा, “ये मेरी गारंटी है। अगर आप इसे वादा कहवाना चाहते हैं तो ये मेरा वादा है। तमिल में वादे के लिए अगर कोई शब्द है तो वह भी है। यह निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी, सीटों का अनुपात पहले की तरह ही बना रहेगा।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हम भ्रम में न रहें, मैं और तुम की बात नहीं कर रहा हूं। ये भ्रम भी न रहे कि हम देश की नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं। ये उनका हक है और हमने कई दशकों से उसको रोका है। आज उसका प्रायश्चित करके उस अपराध से मुक्ति पाने का अवसर है। हम सब जानते हें कि कैसे चालाकी चतुराई की गई है। हम इसके पक्ष में ही हैं, लेकिन हर बार कोई न कोई टेक्निकल पूंछ लगाकर रोक दिया गया लेकिन अब देश की नारी को नहीं समझा पाओगे। सदन में नंबर का खेल तो बाद में सामने आएगा। 3 दशक तक इसको फंसाकर रखा, जो करना था कर लिया। अब छोड़ दो न भाई। यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। मैं साफ शब्दों में कहता हूं कि मुझे इसका राजनीतिक लाभ नहीं है लेकिन आप विरोध करेंगे तो उसका लाभ हमें जरूर मिल जाएगा।”
