केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को बॉर्डर पर घुसपैठ को रोकने को लेकर एक सॉलिड प्लान का ऐलान कर दिया।उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी, स्थानीय प्रशासनिक संसाधनों और सुरक्षा बलों को एकीकृत करने वाली एक ‘स्मार्ट बॉर्डर’ पायलट परियोजना को जल्द ही देश की सीमाओं पर सात से आठ स्थानों पर एक साथ शुरू किया जाएगा, जो भारत की सीमाओं के माध्यम से जनसांख्यिकीय परिवर्तन को रोकने के लिए केंद्र के हर संभव प्रयास करने के इरादे का संकेत है।
अमित शाह ने कहा कि बाड़बंदी के पूरक के रूप में स्मार्ट सीमाओं का विचार भारत की सीमाओं को अभेद्य बनाने की चतुर्भुज सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह अवधारणा योजना के अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि शुरुआती चुनौतियों का समाधान किया जाएगा, जिसके बाद इस पहल को पूरे सीमा नेटवर्क में लागू किया जाएगा।
अमित शाह ने कहा कि जब मैं ‘सुरक्षित’ कहता हूं, तो मेरा मतलब किसी युद्ध से होने वाले बड़े खतरों से नहीं है। लेकिन क्या हम देश को तस्करी से सुरक्षित बना सकते हैं? उन्होंने कहा कि क्या हम इसे मानव तस्करी से सुरक्षित बना सकते हैं? क्या हम देश के युवाओं को नशे से सुरक्षित बना सकते हैं? क्या हम देश की अर्थव्यवस्था को नकली मुद्रा के प्रसार से बचा सकते हैं?
