समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण कराया था। हालांकि यह यूनिवर्सिटी अवैध तरीके से बनी है। इसकी 40 में से 38 इमारत को प्रशासन गिराएगा। इसी मुद्दे को लेकर समाचार चैनल एबीपी न्यूज़ पर बहस चल रही थी, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी भी मौजूद थे।
बहस के दौरान प्रदीप भंडारी ने कहा, “2022 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि एक मदरसे से चोरी किए हुए पैसे से फर्नीचर जौहर यूनिवर्सिटी में रखा है। कोर्ट ने कहा है कि ऐसा लगता है कि सरकारी जमीन पर जौहर यूनिवर्सिटी को बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी पर जो फैसला यूपी सरकार लिया है, उसपर हम स्टे नहीं लगाएंगे।”
प्रदीप भंडारी ने आगे कहा, “सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने कहा था कि ऐसा लगता है सरकारी पैसे को ट्रस्ट के जरिए इसमें लगाया गया है। 26 किसानों ने कहा है कि 35 बीघे जमीन का अधिकांश हिस्सा इस यूनिवर्सिटी के लिए अतिक्रमण किया गया है।जौहर यूनिवर्सिटी करप्शन का अड्डा है और हम हर अतिक्रमण की हुई चीज और गलत चीज को हटाएंगे। रही बात छात्रों की तो छात्रों की शिक्षा पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। जो छात्र जैसे पढ़ रहे हैं उनको वैसे ही शिक्षा दी जाएगी। जिन्होंने गलत किया है वह जेल जाएंगे।”
प्रदीप भंडारी ने कहा कि 2006 से इसको बनाया गया और हम जब 2017 में सत्ता आए, उसके बाद से हमने तुरंत कार्यवाही शुरू कर दी। आज आजम खान जेल में है।
