झारखंड में छात्र भर्ती प्रक्रिया में न्याय और पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। लगातार छात्रों को ठगा गया और अब वह न्याय की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि नौकरी आने से पहले ही उसे पैसे लेकर बेच दी जाती है। इसी मुद्दे को लेकर समाचार चैनल न्यूज 18 पर बहस चल रही थी, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी भी मौजूद थे।
प्रदीप भंडारी ने बहस के दौरान कहा, “जो लोग जंतर मंतर पर पहुंचे थे, वह लोग रांची को भूल गए और रांची का जो प्रदर्शन है वह शुद्ध रूप से छात्रों का प्रदर्शन है। हम छात्रों का समर्थन करते हैं और हम शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का इस्तीफा मांगते हैं। हम इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा और संसद तक उठाएंगे। हम नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मांग रहे हैं क्योंकि छात्र जवाबदेही, पारदर्शिता और न्याय चाहते हैं।”
प्रदीप भंडारी ने कहा कि हम इस प्रदर्शन का राजनीतिकरण नहीं करना चाहते हैं, इसलिए मंच पर नहीं जा रहे हैं, लेकिन क्या राहुल गांधी और अखिलेश यादव, जिन्होंने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा था वह झारखंड के मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगेंगे? प्रदीप भंडारी ने पूछा कि ये लोग कब झारखंड जा रहे हैं और उनके मुंह में दही क्यों जम चुका है?
