मोदी सरकार परिसीमन विधेयक फिर से ला सकती है। ऐसे में सबसे बड़ी बात होगी कि क्या इस बार यह बिल सरकार पास करा लेगी। हालांकि इसको लेकर बीजेपी ने तैयारी शुरू कर दी है। लोकसभा में बीजेपी की संख्याबल में भी इजाफा हुआ है। बागी टीएमसी के सांसद भी बिल के समर्थन में वोट कर सकते हैं। चर्चा है कि शरद पवार गुट भी बिल का समर्थन कर सकता है।
इसी मुद्दे को लेकर समाचार चैनल ज़ी न्यूज पर डिबेट चल रही थी, जिसमें बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी मौजूद थे। प्रदीप भंडारी ने डिबेट में कहा कि यह तो मानसून सत्र में ही पता चलेगा कि कौन किसके साथ है, लेकिन यह सच है कि कांग्रेस के सभी गठबंधन सहयोगी अब उसके साथ नहीं रहना चाहते हैं।
प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस ने सहयोगियों के पीठ में हमेशा छूरा भोंका है, जब तमिलनाडु में विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनी तब कांग्रेस और राहुल गांधी ने डीएमके की पीठ में छूरा भोंका और टीवीके के साथ सरकार में चले गए। ऐसे ही उत्तर प्रदेश में इन्होंने पहले सपा को दुत्कारा और अब इमरान मसूद कह रहे हैं कि समाजवादी पार्टी गठबंधन की भीख कांग्रेस से मांग रही है।
प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का चरित्र ही पार्टियों को तोड़ने का रहा है और सहयोगियों से दूर होने का रहा है, ऐसे में सभी को पता है कि अगर देशहित और राष्ट्रहित में किसी के साथ जुड़ना है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ जुड़ना है। प्रदीप भंडारी ने कहा कि याद करिए 1983 में पुडुचेरी में कांग्रेस ने डीएमके की चल रही सरकार से अलग होने का फैसला कर लिया था।
