राहुल गांधी पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का हमला, बोले- लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़ी कर रही कांग्रेस

बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सहसंयोजक और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के विरोध प्रदर्शन को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करने और जनता के समर्थन के दावों पर सवाल उठाए। प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस के राजनीतिक प्रदर्शन, वोट चोरी के आरोपों और महिला उत्पीड़न के मामलों पर पार्टी के कथित रुख को लेकर भी निशाना साधा।

प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी दुनिया भर में कमियां तलाशने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनके मुताबिक कमी राहुल गांधी के भीतर है। उन्होंने कांग्रेस के विभिन्न राज्यों में लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने का जिक्र करते हुए ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात और पश्चिम बंगाल का उदाहरण दिया।

प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के नेतृत्व और चुनावी रणनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक स्थिति पर आत्ममंथन करना चाहिए। उनके मुताबिक, राहुल गांधी के बयानों और पार्टी की रणनीति में विरोधाभास दिखाई देता है।बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस सड़क पर विरोध प्रदर्शन के जरिए संसद और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करना चाहते हैं। उन्होंने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि जब कोई मामला अदालत में पहुंच चुका है, तो कानूनी प्रक्रिया के फैसले का इंतजार किया जाना चाहिए।

प्रदीप भंडारी ने सवाल उठाया कि यदि याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हो चुकी है, तो क्या कांग्रेस अपना विरोध प्रदर्शन रोक देगी? उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था में याचिका पर फैसला करने का अधिकार अदालत का है, न कि राजनीतिक दलों या नेताओं का।

प्रदीप भंडारी ने प्रशांत भूषण का भी जिक्र किया। उन्होंने उनके कथित बयान का हवाला देते हुए ‘रेवोल्यूशन’ और क्रांति के दौरान खून-खराबे की बात उठाई। प्रदीप भंडारी ने सवाल किया कि क्या इस तरह की बातें देश में अराजकता को बढ़ावा देने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करने का प्रयास हैं। उन्होंने हॉलीवुड फिल्म *द डार्क नाइट* के खलनायक ‘जोकर’ का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि अराजकता के जरिए स्थापित व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा सकती है।

प्रदीप भंडारी ने महिला सुरक्षा और अधिकारों के मुद्दे पर भी कांग्रेस नेतृत्व को निशाने पर लिया। उन्होंने अपने बयान में मणिपुर के एक कांग्रेस सांसद पर 11 बच्चियों के यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया और राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाड्रा से इस मामले पर बोलने की मांग की। प्रदीप भंडारी ने प्रियंका गांधी वाड्रा के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ नारे का हवाला देते हुए सवाल किया कि महिला अधिकारों की बात करने वाले कांग्रेस नेता इस मामले पर क्या रुख अपनाते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर महिला उत्पीड़न के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस के इस दावे पर कि जनता उसके साथ है, प्रदीप भंडारी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल भीड़ को पूरे देश की जनता का समर्थन मानना सही नहीं है। उन्होंने कैमरा टीम के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और विपक्षी समर्थकों से अलग आम नागरिकों के समर्थन का प्रमाण देने की चुनौती भी दी। प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं की भीड़ के आधार पर जनता के समर्थन का दावा करती है। उनके मुताबिक, किसी राजनीतिक आंदोलन के समर्थन का आकलन करने के लिए व्यापक जनसमर्थन के प्रमाण जरूरी हैं।

प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी आरोपों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने नवंबर 2025 में राहुल गांधी द्वारा चुनाव में कथित धांधली के सबूत देने की बात कहे जाने का जिक्र किया और अक्टूबर 2026 में दिए जा रहे बयानों से इसकी तुलना की। प्रदीप भंडारी ने सवाल किया कि यदि राहुल गांधी के पास चुनाव में गड़बड़ी के सबूत थे, तो उन्हें सामने क्यों नहीं रखा गया। उन्होंने कांग्रेस नेता के बयानों में विरोधाभास होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को अपने दावों के समर्थन में प्रमाण पेश करने चाहिए।

अपने बयान के आखिर में प्रदीप भंडारी ने संवैधानिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी मामले में याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हो चुकी है, तो उस पर निर्णय लेने का अधिकार अदालत के पास है। उन्होंने सवाल किया कि जब मामला न्यायपालिका के समक्ष है, तो राजनीतिक दलों को अदालत के फैसले का इंतजार क्यों नहीं करना चाहिए।

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