लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ महिला पत्रकार ऋचा पराशर ने नई दिल्ली के डीसीपी के पास एक शिकायत दर्ज कराई है। इसमें राहुल गांधी समेत अन्य के खिलाफ तुरंत FIR की मांग की गई है। यह मामला 12 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में रिपोर्टिंग के दौरान तीन महीने की गर्भवती पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार, धमकी और आपराधिक बल के प्रयोग से जुड़ा है।
महिला पत्रकार की तरफ से की गई शिकायत में BNSS 2023 के निम्नलिखित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें धारा 74 के तहत किसी भी महिला पर इस इरादे या जानकारी के साथ हमला या आपराधिक बल प्रयोग करना, जिससे उसकी लज्जा भंग होने की संभावना हो।
इसके अलावा धारा 115 के सेक्शन 2 में स्वेच्छा से चोट पहुंचाने पर सजा, धारा 131 के तहत गंभीर और अचानक उकसावे के बिना हमला या आपराधिक बल प्रयोग करना। साथ ही धारा 125 के तहत उतावलेपन या लापरवाही से किए गए कार्य, जो मानव जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालती हैं। धारा 3 सेक्शन 5 के तहत अपने सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कई व्यक्तियों की तरफ से आपराधिक कृत्यों के लिए संयुक्त दायित्व के तहत शिकायत दर्ज की गई है।
प्रदर्शन को कवर कर रही महिला पत्रकार ऋचा पराशर ने राहुल गांधी पर धक्का मारने का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट किया गया। इस मामले में सर गंगा राम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने कहा था कि रात करीब 10 बजे ऋचा पाराशर यहां पर आईं थी। सके बाद उन्हें बिना किसी रजिस्ट्रेशन फॉर्म के एडमिट कर लिया गया। एडमिट करने से पहले उनकी जांच हो गई थी। बता दें, पत्रकार के गर्भवती होने की वजह से यह मामला ज्यादा गरमा गया है।
