बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सहसंयोजक और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर नशे के कारोबार को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पंजाब का सबसे बड़ा मुद्दा युवाओं को चिट्टे (हेरोइन) के नशे से मुक्त कराना है। आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद राज्य में सिंथेटिक ड्रग्स और जॉम्बी ड्रग्स का प्रचलन बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के गांव-गांव में चिट्टे का कारोबार फैल चुका है और नशे के कारोबारियों को आम आदमी पार्टी का संरक्षण मिल रहा है।
एक डिबेट के दौरान प्रदीप भंडारी ने कहा कि पंजाब का हर व्यक्ति आम आदमी पार्टी की सरकार से मुक्ति चाहता है, क्योंकि सरकार के कार्यकाल में नशे की समस्या गंभीर होती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि 2026 में ही पंजाब के 2,600 युवाओं की मौत चिट्टे के कारण हुई। उन्होंने कहा कि राज्य में 18 साल से कम उम्र के युवा भी नशे की चपेट में आ रहे हैं और हर दूसरे गांव में चिट्टा बिक रहा है।
प्रदीप भंडारी ने आम आदमी पार्टी पर नशे के कारोबारियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।उन्होंने कुछ परिवारों का जिक्र करते हुए कहा कि हरभजन सिंह और जसबीर सिंह के परिवार आम आदमी पार्टी से नाराज हैं। वहीं, परविंदर सिंह झोटा के परिवार को भी सरकार से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। प्रदीप भंडारी ने सवाल उठाया कि आखिर नशे के कारोबार से जुड़े लोग बार-बार आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए क्यों पाए जाते हैं? उन्होंने नशे के एक पीड़ित को लेकर सामने आए वीडियो का भी जिक्र किया।
प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि जब एक नशा पीड़ित अपने परिजन का शव मांग रहा था, तब पंजाब पुलिस ने उसके साथ मारपीट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं आम आदमी पार्टी सरकार के दावों पर सवाल खड़े करती हैं।
पंजाब में बीजेपी के कार्यक्रम के दौरान 1984 के सिख विरोधी दंगों पर आधारित फोटो प्रदर्शनी लगाए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रदीप भंडारी ने कहा कि 1984 का नरसंहार पंजाब के लिए एक ऐसा घाव है, जो आज भी भरा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी-वाड्रा परिवार ने इस घटना के लिए अब तक माफी नहीं मांगी है। उन्होंने राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि जब राहुल गांधी पंजाब आए हैं, तो क्या उन्होंने कभी 1984 के नरसंहार के लिए माफी मांगी? क्या सोनिया गांधी ने कभी सिख समुदाय से माफी मांगी है?
प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस पंजाब में खुद को विकल्प के तौर पर पेश नहीं कर सकती, क्योंकि उसने सिख समुदाय के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है।
प्रदीप भंडारी ने कहा कि पंजाब में नशे का मुद्दा कई वर्षों से उठता रहा है, लेकिन अब राज्य के युवाओं को इस समस्या से स्थायी मुक्ति दिलाने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उसी तरह पंजाब से भी नशे के कारोबार को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब का असली मुद्दा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं का भविष्य बचाना है। बीजेपी का लक्ष्य पंजाब को चिट्टे से मुक्त कराना होना चाहिए और यह तभी संभव है, जब नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
