दिल्ली में 3 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित महिला पत्रकार से कथित बदसलूकी के मामले में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सह संयोजक और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर एक कथित फर्जी AI वीडियो के जरिए दिल्ली पुलिस के खिलाफ गलत नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीडियो को फर्जी और AI से तैयार किए जाने की बात सामने आई है।
प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि यह वीडियो नदीम अहमद नाम के एक स्वतंत्र कंटेंट क्रिएटर ने तैयार किया था। उनके मुताबिक, इसके बाद कांग्रेस से जुड़े कई लोगों और सोशल मीडिया हैंडल्स ने वीडियो को व्यापक रूप से प्रसारित किया। प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने भी इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए थे।
प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी पर महिला पत्रकार के साथ यौन उत्पीड़न की कोशिश का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि अब जब पुलिस की जांच में वीडियो के फर्जी होने की बात सामने आई है तो राहुल गांधी को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का पूरा इकोसिस्टम एक स्वतंत्र कंटेंट क्रिएटर की ओर से बनाए गए वीडियो को आधार बनाकर उसे करीब 24 घंटे तक अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर फैलाता रहा। उन्होंने इसे दिल्ली पुलिस और राज्य की संस्थाओं को गलत तरीके से निशाना बनाने की कोशिश बताया।
प्रदीप भंडारी ने कहा कि किसी पुलिसकर्मी या संवैधानिक संस्था पर आरोप लगने पर जांच होना स्वाभाविक है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी वीडियो या दावे को सच मानकर प्रचारित करना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब जब वीडियो को लेकर पुलिस की ओर से अलग जानकारी सामने आई है, तो क्या राहुल गांधी या कांग्रेस इस पर जवाब देंगे।
