रील बनाने में राहुल गांधी ने अखिलेश यादव को पीछे छोड़ दिया, लेकिन जनता का समर्थन नहीं जीत पाएंगे… बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का विपक्ष पर निशाना

लगातार कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दल चुनाव हार रहे हैं। जब जनता रिजेक्ट कर रही है तब यह सभी दल चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। बीते दिनों में SIR को लेकर विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग पर सवाल उठाए गए। इसी मुद्दे को लेकर बहस चल रही थी, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सहसंयोजक और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी भी मौजूद थे।

प्रदीप भंडारी ने कहा, “आप पंजाब में हैं और पंजाब में सुप्रीम कोर्ट का कल ही जजमेंट आया है, जिसके हिसाब से पंजाब के अंदर आम आदमी पार्टी ने अपने विरोधियों को चुनाव के अंदर वोट नहीं डालने दिया, तो सुप्रीम कोर्ट ने 50 वार्ड्स के चुनाव को कैंसिल कर दिया क्योंकि वहां आम आदमी पार्टी की गुंडागर्दी चल रही थी, इसको कहते हैं लोकतंत्र की डकैती। बापू अगर आज जिंदा होते, तो जरूर राहुल गांधी को सद्बुद्धि देते कि अराजकता की आड़ में लोकतंत्र को तबाह मत करिए और आज सबसे बड़ा लोकतंत्र और संविधान के लिए कोई खतरा है, वो राहुल गांधी हैं। मैं बताऊंगा कैसे।”

प्रदीप भंडारी ने आगे कहा, “जरा आपने कहा कि बिल्कुल प्यार से सत्ता आती है, तो ये राहुल गांधी जी ये पकड़ते हैं महिला पुलिसकर्मी को जो ये ऑन ड्यूटी भारतीय न्याय संहिता के हिसाब से अपराध है। ये देखिए कैसे पकड़ते हैं, फिर तीसरी बार पकड़ते हैं, फिर महिला पुलिसकर्मी राहुल गांधी को कह रही रुको, राहुल गांधी रुको, फिर भी राहुल गांधी उनको धक्का देने का प्रयास करते हैं। ये होती है, असली गुंडागर्दी की दुकान और गुंडागर्दी की राजनीति।”

प्रदीप भंडारी ने कहा, “आप इतनी सीनियर पत्रकार हैं, मैं आपसे एक छोटा सा सवाल पूछना चाहता हूं। मुख्य चुनाव आयुक्त का पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। तो सुप्रीम कोर्ट का मामला अगर 1 लाख की भी भीड़ सड़क पे राहुल गांधी ले आए, 500 की भी ले आए, 1000 की भी ले आए, सुप्रीम कोर्ट तो तथ्य के आधार पे सब जुडिश मामला का फैसला करता है, तो ये सड़क से अचीव क्या करना चाह रहे हैं? तीन चीज़ हो सकती हैं—एक, या तो इनको अपने केस के ऊपर विश्वास नहीं, उनको पता है कि जैसे इनका महाराष्ट्र का केस बॉम्बे हाईकोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया था, तो ये फ्लॉप हो जाएगा इसलिए इनका केस सुप्रीम कोर्ट में वीक है। दूसरा, या तो ये सुप्रीम कोर्ट से ऊपर अपने परिवार को समझते हैं। या तीसरा ये सुप्रीम कोर्ट और कोर्ट-कचहरी के ऊपर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं और इसीलिए 50 पूर्व जस्टिस ने ये लिखा है कि भाई ये इंटिमिडेशन का तरीका है एक कांस्टीट्यूशनल बॉडी को। तो भाई कोर्ट का फैसला सड़क से थोड़ी होगा, कोर्ट का फैसला तो कोर्ट से ही होगा।”

प्रदीप भंडारी ने कहा कि रील मेकिंग अगर राहुल गांधी को करनी है, तो मैं राहुल गांधी को मुबारक देना चाहता हूं कि रील मेकिंग कॉम्पिटिशन में राहुल गांधी ने अखिलेश यादव को पीछे छोड़ दिया। पर इससे वोट नहीं मिलने वाले राहुल जी, इससे जनता का समर्थन नहीं जीता जाएगा और इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ भी कार्रवाई करनी है, नहीं है, ये भी फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगा। तो क्या सुप्रीम कोर्ट में विश्वास नहीं है आपको? ये मेरा एक छोटा सवाल है।

प्रदीप भंडारी ने कहा कि हम तो अभी सत्ता में आए हैं, परंतु 1962 से लेकर कांग्रेस पार्टी की सरकार तमिलनाडु के अंदर नहीं है। प्रदीप भंडारी ने कहा, “ओडिशा के अंदर कांग्रेस पार्टी की पिछले 20 सालों से सरकार नहीं है। वो यूपी की आप बात करें, 1989 से कांग्रेस का मुख्यमंत्री नहीं बना है। तो तब से लेकर अभी तक क्या कांग्रेस पार्टी की सरकारें ही वोट चोरी करती आ रही थीं या उनका इलेक्शन कमीशन बिका हुआ था, इसलिए आज कांग्रेस की यूपी में सरकार नहीं बनी? परिवार जनता का विश्वास खो चुका है, इसलिए उसने अराजकता का सहारा लिया, ना कि लोकतंत्र का।”

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