नेहा बोरा की कही बात राहुल गांधी के विचार… बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने बांग्लादेश दोहराने की साजिश को किया एक्सपोज

AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने बांग्लादेश के हिंसक प्रदर्शन को सही ठहराते हुए एक बयान दिया। अब बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सहसंयोजक और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने उनकी पोल खोल दी है। प्रदीप भंडारी ने नेहा बोरा और उनके कथित मेंटर पर निशाना साधते हुए कहा कि नेहा बोरा के विचार, राहुल गांधी के विचार हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को तहस-नहस करने की साजिश की जा रही है, राहुल और उनके साथी लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने प्रदर्शन में नेहा बोरा को चेहरा बनाया। नेहा बोरा बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन से प्रेरित हैं।

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, “आपने यह वीडियो ध्यान से देखा होगा। इसमें नेहा बोरा और राहुल गांधी दिखाई दे रहे हैं। जब राहुल गांधी अपना मार्च निकाल रहे थे, जिसे मैं एक ‘अराजक मार्च’ कहूंगा, उन्होंने नेहा बोरा को इसका चेहरा बनाया था। इसका मतलब यह है कि नेहा बोरा और राहुल गांधी की विचारधारा एक ही है। कल एक इंटरव्यू में, नेहा बोरा ने कहा कि यह आंदोलन बांग्लादेश के विरोध-प्रदर्शनों से प्रेरित है और वे चाहते हैं कि भारत में भी वही हो जो बांग्लादेश में हुआ था। ध्यान से देखिए। ये शब्द नेहा बोरा के हैं, लेकिन विचारधारा राहुल गांधी की है। एक तरफ राहुल गांधी नेहा बोरा को आगे बढ़ा रहे हैं, तो दूसरी तरफ वह कह रही हैं कि वे भारत में भी बांग्लादेश की तरह ही एक ‘अराजक जेन-जी’ आंदोलन चाहते हैं। बात साफ है, बांग्लादेश में क्या हुआ था?”

प्रदीप भंडारी ने कहा कि इस्लामवादियों के एक समूह ने भीड़ और अराजकता का इस्तेमाल करके पूरे सिस्टम को ध्वस्त करने की कोशिश की। उनका मकसद सत्ता परिवर्तन था। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि लोकतांत्रिक तरीकों से अपने परिवार को सत्ता में लाने में नाकाम रहने के बाद, राहुल गांधी और उनका पूरा इकोसिस्टम अब भारत में लोकतंत्र को नष्ट करने की साजिश रच रहे हैं।

प्रदीप भंडारी ने कहा, “मै राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि अगर आप और आपका इकोसिस्टम अराजकता फैलाने के बजाय इस देश की जनता की सेवा करने में उतनी ही मेहनत करते, तो शायद कांग्रेस का वोट शेयर तीन-चार जगहों पर बढ़ गया होता। राहुल गांधी ने पहले कहा था कि उनकी लड़ाई भाजपा या आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ नहीं बल्कि ‘भारतीय राज्य’ (इंडियन स्टेट) के खिलाफ है और ‘भारतीय राज्य’ का मतलब है भारतीय संविधान यानी भारतीय लोकतंत्र है।”

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